मेरी भावनाएँ

मेरा हृदयका सुन्यताकी हाल
कव और कैसे मालुम होगा आपको
जव मे ही अनभिज्ञता मे
आपकी मोहकताकी
खुस्वू ले रही हूँ
बस् एक अजनवीकी तरह
आपकी साम्ने मे से
आपका महेकताहूवा गुलावी हावाकी
झोक्कैा से आपने आपको खो रहि हूँ
ल‌ंकेका सुनाैकी तरह
भिखारीकी भिख की तरह
वेजुवान राेवर्टकी तरह
तमन्नाकाे लेकर
वस् एक नदी तरह
छल्छलाती रहती हूँ
मन पंक्षी के तरह
उड्ती रहती हूँ
बादलाेके तरह डुल्ती रहती हुँ ।

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